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01 जून, 2011

पत्रकार और शायरा ,लेखिका फिर्दोज़ को जन्म दिन मुबारक हो

पत्रकार और शायरा ,लेखिका फिर्दोज़ को जन्म दिन मुबारक हो बहुमुखी प्रतिभा की धनी फिरदोस के बारे में जानिए कुछ इस तरह से ...........
पत्रकार, शायरा और कहानीकार... उर्दू, हिन्दी और पंजाबी में लेखन. उर्दू, हिन्दी, पंजाबी, गुजराती, इंग्लिश और अरबी भाषा का ज्ञान... दूरदर्शन केन्द्र और देश के प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हरिभूमि में कई वर्षों तक सेवाएं दीं...अनेक साप्ताहिक समाचार-पत्रों का सम्पादन भी किया... ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन केन्द्र से समय-समय पर कार्यक्रमों का प्रसारण... ऑल इंडिया रेडियो और न्यूज़ चैनल के लिए एंकरिंग भी की है. दैनिक हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण ट्रिब्यून, जनसत्ता, राजस्थान पत्रिका, नवभारत, अजीत समाचार, देशबंधु और लोकमत सहित देश-विदेश के विभिन्न समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और समाचार व फीचर्स एजेंसी के लिए लेखन... मेरी ' गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत' नामक एक किताब प्रकाशित... इसके अलावा डिस्कवरी चैनल सहित अन्य टेलीविज़न चैनलों के लिए स्क्रिप्ट लेखन जारी... उत्कृष्ट पत्रकारिता, कुशल संपादन और लेखन के लिए अनेक पुरस्कारों ने नवाज़ा जा चुका है...इसके अलावा कवि सम्मेलनों और मुशायरों में भी शिरकत...कई बरसों तक हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की तालीम भी ली... उर्दू, पंजाबी, अंग्रेज़ी और रशियन अदब (साहित्य) में ख़ास दिलचस्पी. फ़िलहाल 'स्टार न्यूज़ एजेंसी' और 'स्टार वेब मीडिया' में समूह संपादक का दायित्व संभाल रहीहै ...
फिरदोस की डायरी कहने को तो निजी डायरी लगती है लेकिन इस डायरी में फिरदोस ने अपने अनुभव अपनी जानकारियों का जो जखीरा है वोह सब उकेर कर रख दिया है २२ सितम्बर २००८ को जब फिरदोस ने हिंदी ब्लोगिग्न में अपने नाम से डायरी लिखना शुरू किया तो उसमे फिरदोस ने रेत के धोरे से सब्जियों  की खेती पर   अपना आलेख लिखा था फिर तो बेगम हजरत महल से लेकर गुजरी के महल तक का इतिहास लिख डाला हरियाणा की एक एक गली ..एक एक परेशानी..सियासत और विचारकों पर जो टिपण्णी कर सकती थी जो विचार दे सकती थी मुसलमान भाइयों को कुरान के नाम पर जो संदेश दे सकती थी वोह सब बहन फिरदोस हम ब्लोगरों को देती रहीं कभी अपनी लेखनी से विवाद में रही तो कभी इनकी लेखनी के लियें हम लोगों ने और खासकर आलोचकों ने भी इनकी प्रशंसा की है ..बहन फिरदोस अन्य  दुसरे साँझा ब्लॉग से भी जुडी हैं ..और लेखन की इस शोकीन पत्रकार के हर लेख में पत्रकारिता की खोज का असर नज़र आता है .....फिरदोस बहन ने अपने अनुभवों के आधार पर १७२ पेज की एक पुस्तक गंगा जमुनी संस्क्रती के अग्रदूत भी लिख डाली है जो प्रकाशित होकर लोगों के आकर्षक का केंद्र बनी है ..ऐसी बहुमुखी प्रतिभा की धनी बहन फिरदोस को जन्म दिन पर हार्दिक बधाई ............अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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