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12 मई, 2011

राहुल गांधी की गिरफ़्तारी पर हंगामा

देश में लोकसभा और विधानसभा के चलते किसी कोंग्रेसी या भाजपाई ने  मायावती सरकार द्वारा किसानों की जमीन सस्ते में हडपने का मामला नहीं उठाया अब अचानक जब किसानों ने इस मामले को खुद अपने हाथ में ले लिया वहा हिंसा भड़क गयी तब कोंग्रेस और भाजपा सडक पर उतरी है खुद राहुल गाँधी भी अब इस थोथी राजनीति पर विशवास करने लगे हैं और उनकी गिरफ्तारी भी शायद इसीलियें करना पढ़ी है .
राहुल गाँधी जो देश में राष्ट्रीय महासचिव है और कोंग्रेस के सिरमोर हैं उनसे भला किसी को भी शान्ति भंग का केसा खतरा हो सकता है लेकिन उत्तरप्रदेश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया और फिर छोड़ दिया अब देश भर में कोंग्रेसी हल्ला मचा रहे है और कोंग्रेस के लोग मायावती के पुतले जला आरहे हैं कोंग्रेसियों को किसान पिटे .पुलिसवाले मरे ,किसानों की जमीन लुट ली गयी उसकी फ़िक्र नहीं लेकिन उनके नेता को पकड़ा तो सडकों पर आ गये और वोह भी एक सिमित मांग लेकर के राहुल जी को क्यूँ पकड़ा अगर देश के कोंग्रेसी सच में जनता के हितेषी है तो उन्हें इस मामले में केंद्र सरकार जहां कोंग्रेस सरकार बेठी है उससे दखल दिलवाना चाहिए ...अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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